क्या ललहा होते है कुछ प्रत्याशी
कुछ लोग नामांकन फार्म तक लेते है फिर भरने से परहेज क्यो?
चुनाव के तारीखों का ऐलान होते ही कुछ बरसाती मेढक नुमा प्रत्याशी भी मैदान में दिखाई देने लगते है, टेर टेर की जोर जोर से आवाज निकालते है और जब उस बरसाती मेढक के पास कोई व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ने के लिए बोलते है तब अपनी डिमांड बताते है और जब एक निश्चित राशि या पद का आश्वासन मिल जाता है तब अपना नाम वापस ले लेते है। इसका मतलब साफ होता है कि क्या यह प्रत्याशी ललहा ( लालची ) होते है।