दिव्यांग बच्ची रेप मामले में सांसद गोमती साय का सरकार पर आरोप

दिव्यांग बच्ची रेप मामले में निलंबित डीएमसी को बहाल करने के फैसले पर सांसद गोमती साय का आया बड़ा बयान पैसा फेको तमासा देखो की तर्ज पर चल रहा है छत्तीसगढ़ में शासन-प्रशासन

2015 से अंगद की पांव की तरह जमे डीएमसी पर आखिर किसका संरक्षण

सरगुजा कमिश्नर ने किया कमाल …जिस दिव्यांग बच्ची से रेप के मामले में जिला प्रशाशन की खूब किरकिरी हुई थी और शासन ने डीएमसी को हटाते हुए जांच बिठाया था सबसे अधिक जिम्मेदार राजीव गांधी शिक्षा मिशन के जिला परियोजना समन्वयक को एक आदेश जारी करते हुए उसी पद पर बहाल कर दिया गया है। आपको बता दे, 22 सितंबर की रात जशपुर की मूक-बधिर छात्राओं के हॉस्टल में रह रहे बच्चियों के साथ हैवानियत की गई थी और एक दिव्यांग बच्ची से से रेप किया गया था

वही इन छात्रावास के सबसे ज्यादा जिम्मेदार अधिकारी डीएमसी विनोद पैकरा ने पूरी तरह चुप्पि साधते हुए इस मामले को दबाने की कोशिस की थी जबकि हास्टल की अधीक्षिका कई वर्षों से लापता थी और डीएमसी ने किसी तरह की कार्यवाही नही किया और 22 सितंबर की रात हॉस्टल के केयर टेकर और चौकीदार ने रात में दारु की पार्टी की। नशा जब सिर चढ़कर बोलने लगा तो दोनों में हैंवानियत जाग गई। और बोल, सुन नहीं पाने वाली बच्चियों के कमरे की ओर चल दिए। दोनों ने हॉस्टल में इतना उत्पात मचाया कि लड़कियां इधर उधर भागने लगी और किसी तरह जान बचाई। लेकिन, आधा दर्जन बच्चियां इनकी चपेट में आ गई। एक के साथ रेप किया गया बाकी पांच के साथ छेड़छाड़ हुई बच्चियों की चीख-पुकार सुनकर महिला स्वीपर आई तो दोनों ने उसे बाथरुम में बंद कर फरार हो गए।

इस घटना को दबाने का भरसक प्रयास किया गया। इस चक्कर में 24 घंटे तक मामले की रिपोर्ट नहीं हो पाई 23 सितंबर को देर शाम थाने में एक पन्ने की शिकायत की गई, जिसमें छेड़छाड़ का उल्लेख था। पर जशपुर एसपी विजय अग्रवाल ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी प्रतिभा पांडे को जांच के लिए भेजा तब पता चल सका कि दिव्यांग बच्ची से रेप किया गया है। लेकिन, सरगुजा कमिश्नर ने डीएमसी विनोद पैकरा के जवाब के आधार पर न केवल निलबंन समाप्त किया बल्कि उसी पद पर फिर से पोस्टिंग कर दिया। मतलब एक तरह से आदिवासी बच्चियों से रेप और छेड़छाड़ की घटना के लिए। जिम्मेदार नही माना नोटिस के जवाब में डीएमसी ने मासूमियत से बता दिया मैं घटना के रोज नहीं था। इसी आधार पर कमिश्नर ने उसे बहाल भी कर दिया लेक्चरर कैडर के विनोद पैकरा डीएमसी के पद पर 2015 याने बीजेपी शासनकाल से जमे हुए हैं।फिर कांग्रेस शासन काल याने 2019 में डीएमसी पदोन्नत हो गए।
सांसद गोमती साय ने डीएमसी बिनोद पेंकरा की बहाली पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस शासन काल मे पैसा फेको तमाशा देखो की तर्ज पर कार्य हो रहा है। जिस तरह दिव्यांग बच्चियों के साथ 22 सितम्बर की रात को हॉस्टल में ही न बोल सुन पाने वाली बच्चियों के साथ जिस तरह बर्बरता की गई और प्रशासन की हर तरफ किरकिरी होने के बाद डीएमसी को हटाते हुए जांच बिठा गया और अब उसी जिम्मेदार अधिकारी की पुनः नियुक्ति से अनेक सवाल खड़े हो गए है। जिसका जबाब हर हाल में शासन को देना होगा हम इस तरह के गैर जिम्मेदार अधिकारी की। नियक्ति का पूरी तरह विरोध करते है। जिम्मेदार पदों में विवादित ब्यक्ति की नियुक्ति नही होनी चाहिए थी।

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