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जल जीवन मिशन के तहत ग्राम करौन्दामुडा में बन रही है पानी टंकी....
कैपिटल छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क....
संवाददाता :- दीपक गुप्ता...✍️
सूरजपुर :- जल जीवन मिशन के तहत करीब 1.5 करोड़ की लागत से ठेकेदार द्वारा बनाई गई टंकी के घटिया होने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टंकी के ऊपर रैलिंग लगाने के दौरान छज्जा ही टूटकर नीचे गिर गया। छज्जा टूटने से मजदूर भी नीचे गिर गया, गनीमत ये रही कि वहां काम कर रहे दूसरे लोगों ने तत्काल उसे अस्पताल ले गए, जिससे उसकी जान बच गई। मामला जिले के विकासखंड भैयाथान से लगे ग्राम पंचायत करौंदामुड़ा की है। घटना के बाद विभाग हरकत में आया और आनन-फानन में पानी टंकी के निर्माण कार्य की जांच कर ठेकेदार को फटकार लगाते हुए टंकी का सीढ़ी और रैलिंग लगाने वाले छज्जे को तोड़ने के निर्देश होली से पहले ही दिए थे, लेकिन मनमानी और विभाग की अनदेखी के कारण होली बीते दो सप्ताह से भी अधिक होने के बाद भी ठेकेदार ने छज्जे को नहीं तोड़वाया है। निर्माण कार्य को तोड़ने के निर्देश के बाद दैनिक भास्कर ने इसकी पड़ताल की तो पता चला कि टंकी निर्माण के करीब एक महीने बाद अलग-अलग तीन चरणों में छज्जे की ढलाई की गई है। ढलाई के मामले में भी मानक के अनुरूप सीमेंट नहीं थी और न ही इसकी मजबूती के लिए पानी डाला गया था, जिससे ढलाई कमजोर हो गई। कई जगहों पर टंकी के नीचे से होल दिखाई देते हैं। दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा मार्च में गांव के हर घर में साफ पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब तक लोगों के घरों में तो दूर पानी टंकी में ही पानी नहीं पहुंचा है। स्टैंड पोस्ट पर लकड़ी और महुआ सुखा रहे हैं ग्रामीण :- वहीं नल से दो सालों तक पानी आने का इंतजार ग्रामीण करते रहे, लेकिन पानी नहीं आया। इसके बाद अपने घरों के सामने बने स्टैंड पोस्ट में ग्रामीण लकड़ी और महुआ सुखाने के साथ मवेशियों को वहां बांध रहे हैं। योजना हुई फेल : - जल जीवन मिशन के तहत ग्राम करौंदामुड़ा में बन रहे पानी टंकी निर्माण इतना घटिया है कि बारिश से गला स्टैंड पोस्ट इधर, ठेकेदार ने करौदामुड़ा में दो साल पहले टंकी निर्माण से पहले ही गांव में जैसे-तैसे पाइप कनेक्शन तो बिछा दिए, गांव में स्टैंड पोस्ट भी बना दिया, लेकिन कम सीमेंट और अधिक रेत के मिश्रण से स्टैंड पोस्ट बनने के करीब दो महीने बाद ही टूट गया। इसी दौरान दो बार बारिश का भी मौसम आया, जिसमें स्टैंड पोस्ट में सीमेंट कम होने की वजह से पानी से ही धुल गया और रेत निकल गई, जिससे कमजोर होकर कुछ महीनों में यह टूट गया। अब गांव मे एक्का - दुक्का ही स्टैंड पोस्ट बचे हुए हैं।
52 पंचायतों में रेंण नदी से देना है पानी, सर्वे अभी है अधूरा :- पीएचई विभाग के अधिकारियों ने पत्रकारों को बताया कि भैयाथान विकासखंड़ की 52 पंचायतों में गांव से 12 किमी दूर रेंण नदी पर हाइड्रो पावर प्लांट बना है। इसका काम भी पूरा हो चुका है। यहीं से सभी ग्राम पंचायतों की टंकी में पानी पहुंचाने की योजना है, लेकिन मजे की बात है कि प्लांट से टंकी तक पानी पहुंचाने अब तक कोई भी काम नहीं हुआ है। नाम नहीं छापने की शर्त पर विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक इसका सर्वे भी नहीं हुआ है। अगर काम पूरा भी होता है तो पानी पहुंचाने में दो साल का समय अभी और लगेगा। वही पीएचई विभाग के इंजीनियर ज्ञानेश मिश्रा ने बताया कि रेंण नदी पर बन रहे हाइड्रो पावर प्लांट से अनुबंध के तहत 55 ग्राम पंचायत तक पानी पहुंचेगा। इसके लिए एसबीएस हेड वर्क का टेंडर नवंबर में हुआ है। ठेकेदार ने कार्य चालू कर दिया है। आगामी जनवरी तक कार्य पूरा हो जाएगा। करौंदामुड़ा पानी टंकी का निर्माण गुणवत्तापूर्ण हुआ है। छज्जा का कार्य टीम आते ही आवश्यकतानुसार तोड़कर दुरुस्त किया जाएगा।
छज्जा इतना कमजोर की वहां जाने पर लगता है हिलने :- पानी टंकी में काम करने वाले मजदूरों ने बताया कि छज्जा इतना कमजोर है कि एक आदमी के भी ऊपर जाने से हिलने लगता है और लगता है कि कभी भी यह गिर जाएगा। अब इसे तोड़ना भी चुनौती है। टंकी के अलग-अलग हिस्सों में छज्जा और टंकी के बीच में गैप भी है। सबसे खास बात यह है कि टंकी और छज्जा निर्माण के बाद विभाग के अधिकारियों ने इसका निरीक्षण भी किया था लेकिन तब खामियां नहीं दिखी थी। जब मजदूर के गिरने के बाद हादसा हुआ, तब विभाग हरकत में आया और तोड़ने के आदेश दिए गए !