उफनते नाले में बह गई कार... हरेली पर मातम, 3 साल के मासूम की तलाश जारी

उफनते नाले में बह गई कार... हरेली पर मातम, 3 साल के मासूम की तलाश जारी

हरेली पर्व के दिन एक परिवार की खुशी मातम में बदल गई। दर्शन कर लौटते समय सीपत क्षेत्र के झलमला गांव के तुंगन नाले में कार बह गई। इसमें तीन साल का एक मासूुम अभी लापता है, जिसकी तलाश जारी है।

हरेली पर्व के दिन एक परिवार की खुशी मातम में बदल गई।

दर्शन कर लौटते समय सीपत क्षेत्र के पास तुंगन नाले में कार बह गई।

तीन साल का मासूम तेजस साहू तेज बहाव में बह गया, तलाश जारी।

बिलासपुर: हरेली पर्व(Hareli festival) के दिन एक परिवार की खुशी मातम में बदल गई। दर्शन कर लौटते समय सीपत क्षेत्र के झलमला गांव के तुंगन नाले में कार बह गई। कार में कुल नौ लोग सवार थे, जिनमें से आठ लोगों को किसी तरह बचा लिया गया, लेकिन तीन साल का मासूम तेजस साहू तेज बहाव में बह गया।

घटना 24 जुलाई की रात की है। देर रात से लेकर शुक्रवार तक पुलिस और एसडीआरएफ की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी रही, लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल सका। हालांकि, पानी में बही कार करीब 300 मीटर दूरी पर डूबी मिली।

कार बरामद, बच्चा नहीं मिला

शुक्रवार को घटनास्थल से करीब 300 मीटर दूर पानी में डूबी कार मिली। कई प्रयासों के बाद कार को बाहर निकाला गया। स्वजन को उम्मीद थी कि शायद तेजस कार के भीतर फंसा होगा, लेकिन कार खाली थी। इससे आशंका जताई जा रही है कि बच्चा तेज धार में काफी दूर बह गया होगा।

पुल पर चढ़ा तीन फीट पानी, बनी हादसे की वजह

लौटते वक्त जब कार तुंगन नाले के पुल पर पहुंची, तो उस पर करीब 3 फीट पानी बह रहा था। इसके बावजूद मोहनलाल ने कार निकालने की कोशिश की। तेज बहाव के कारण कार अनियंत्रित होकर 60 फीट दूर बह गई।

एसडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन जारी

टीआई सतपथी ने बताया कि शुक्रवार सुबह एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन में जुटी। पानी का तेज बहाव खोजबीन में बाधा बना हुआ है। अनुमान है कि बच्चा और कार झलमला-सेलर एनीकट की ओर बह गए होंगे।

दरवाजा खोलकर बचाई जान, लेकिन मासूम बह गया

कार बहते ही सभी सवारों ने किसी तरह दरवाजा खोलकर तैरकर बाहर निकलने की कोशिश की। चार बच्चों समेत आठ लोगों को बचा लिया गया, लेकिन मोहनलाल का तीन साल का बेटा तेजस मां के हाथ से फिसलकर बहाव में समा गया।

लापरवाही बनी हादसे की वजह

वैगनआर जैसी छोटी कार में नौ लोग सवार थे। पुल पर पानी का बहाव होने के बावजूद परिवार ने पार करने की कोशिश की। यही लापरवाही हादसे का कारण बनी।