330 किसानों का रकबा शुन्य तहसीलदार को सौपा शिकायत पत्र...

समाधान नही होने पर किसान उग्र आंदोलन के लिऐ होगे बाध्य....

कैपिटल छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क.... 

संवाददाता :- दीपक गुप्ता....✍️

 सूरजपुर :- जिले के ब्लॉक मुख्यालय प्रेमनगर में किसानों के धान रकबा शुन्य होने से किसान हलाकान हो गए हैं । विदित हो कि प्रदेश में 15 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ हो गई है प्रशासन धान खरीदी बेहतर तरीके से करने का लाख दावे कर ले किंतु किसानों की परेशानी दूर होती हुई नहीं दिख रही है आदिम जाति सहकारी समिति बकिरमा में 330 किसानों का रकबा शून्य हो जाने से किसानों में प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है किसानों ने प्रेमनगर तहसील कार्यालय में आकर लिखित शिकायत देकर तत्काल सुधार करने की मांग की है गौरतलब है कि प्रेमनगर विकास खंड के धान उपार्जन केंद्र बकिरमा के अंतर्गत ग्राम पंचायत केदारपुर, बकिरमा, नवापारा कला, महेशपुर, रामेश्वर नगर, हरियरपुर ल, लक्ष्मणपुर, विधान्यांचल, सारसताल के 330 किसानों का रकबा शून्य हो गया है। जिसको लेकर किसान काफी चिंतित हैं । वहीं किसान अपने धान को बाहर के दुकानों में बेचने को मजबूर हो गए हैं

जिसको लेकर दर्जनों भर से अधिक किसान आज सोमवार को तहसील कार्यालय में तहसीलदार से भेंट कर वस्तु स्थिति से अवगत कराया है तथा लिखित में आवेदन देकर जल्द सुधार करने की मांग की है । स्थानीय किसानों ने पत्रकारों को बताया कि हमारा क्षेत्र जंगलों से घिरा हुआ है और इन दिनों क्षेत्रों में हाथियों का आना जाना लगा रहता है। कभी भी हाथी आकर हमारे रखे फसल को खा सकते है। हम साहूकारो से बीज उधार लिए हुए है उन्हें भी पैसा देना है। किंतु धान विक्रय के लिए रकबा ही शून्य कर दिया गया है। जिसके बाद भी प्रशासन किसानों की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। किसानों ने आगे कहा कि प्रशासन जल्द हमारे रकबा में सुधार नहीं किया तो हम उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगें ।