धुमधाम से मनाया गया भगवान राम का जन्मोत्सव...

जन्मे हैं राम अवध मे - कथावाचक पं. रविन्द्र दुबे... 

कैपिटल छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क...

संवाददाता : - दीपक गुप्ता...✍️

 सूरजपुर :- जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम बड़सरा चल रहे 9 दिवसीय श्री राम कथा के तीसरे दिन बड़ी धुमधाम से भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया गया भगवान राम के जन्म का उल्लेख करते हुऐ व्यास पं. रविन्द्र दुबे ने श्रोताओं को बताया कि भगवान श्रीराम एक अवतारी पुरुष थे। उन्हें भगवान विष्णु का सातवां अवतार माना जाता है। श्रीराम को धरती पर मर्यादा का संदेश देने के लिए भेजा गया था। इसलिए उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम के नाम से भी जाना जाता है। कथा व्यास ने श्रोताओं को आगे बताया की भले ही श्रीराम अवतारी पुरुष थे लेकिन उन्होंने सांसारिक प्रक्रिया के तहत अपनी मां की कोख से जन्म लिया था। श्रीराम अयोध्या के राजा राजा दशरथ और उनकी पत्नी कौशल्या के पुत्र थे। दरअसल, राजा दशरथ को पुत्र नहीं हो रहा था। उन्होंने पुत्रप प्राप्ति के लिए यज्ञ करने का फैसला लिया। दशरथ ने कई महान ऋषियों, तपस्वियों और विद्वानों को यज्ञ का आमंत्रण भेजा। फिर गुरु वशिष्ठ और शृंग ऋषि के नेतृत्व में यज्ञ शुरू हुआ। यज्ञ में देश भर से कई महान तपस्वी पधारे। वैदिक मंत्रोच्चार से ये महान यज्ञ संपन्न हुआ। समापन के बाद राजा दशरथ ने सभी तपस्वियों और ब्राह्मणों को भरपूर दान देकर विदा किया।

 राजा दशरथ ने यज्ञ का प्रसाद अपनी तीनों पत्नियों कौशल्या, सुमित्रा और कैकेयी को दिया। प्रसाद के फलस्वरूप रानी कौशल्या ने गर्भधारण किया और इस तरह चैत्र शुक्ल नवमी को श्रीराम जन्मे। कहते हैं कि शिशु का वर्ण नीला था, चेहरे पर तेज और अत्यंत आकर्षक था। जिस भी व्यक्ति ने उस शिशु को देखा मोहित हो गया। यज्ञ प्रसाद के फलस्वरूप राजा दशरथ की दूसरी रानी सुमित्रा ने दो और कैकेया ने एक पुत्र को जन्म दिया। राजा दशरथ के सभी पुत्र तेजस्वी हुए। इन चारों भाइयों का नाम राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न रखा गया। कहते हैं कि श्रीराम के जन्म के बाद देवताओं ने आसमान से पुष्प वर्षा की थी। अप्सराओं ने नृत्य किया। चारों ओर उल्लास था। समय बीतने के साथ-साथ राम अपने तीनों भाइयों से ज्यादा गुणवान होते गए। वे सभी विषयों में पारंगत हो गए। इसलिए तीनों भाई भी उनको बहुत मानते थे। अयोध्या में राजा के घर जब भगवान राम का जन्म हुआ अयोध्या नगरी की प्रजा काफी उत्साहित हो उठी महिलाएं बधाई गीत गाने लगीं देवताओं मे प्रसन्नता की लहर दौड़ गई । वहीं आज के श्री राम कथा मे लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी जिसमे भगवान राम के जन्मोत्सव पर उपस्थित जन खुशी से झुमते नाचते नजर आये ।