रायगढ़ में दोबारा अफीम की खेती पकड़े जाने पर कांग्रेस की भूमिका संदिग्ध :अशोक अग्रवाल
रायगढ़ :- जिले में एक बार फिर बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती पकड़े जाने की घटना ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि यह स्थिति पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की ढिलाई और संरक्षण नीति का परिणाम है।
भाजपा के सह प्रवक्ता अशोक अग्रवाल ने कहा कि अफीम की खेती कोई एक दिन या एक सीजन में खड़ी नहीं होती, बल्कि इसके पीछे लंबे समय तक मिली छूट और संरक्षण की भूमिका होती है। वर्ष 2018 से 2023 तक कांग्रेस सरकार के दौरान प्रदेश में नशे के कारोबार को जिस प्रकार बढ़ावा मिला, उसी का नतीजा आज सामने आ रहा है।
अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस सदा से सत्ता की लालची रही है और किसी भी कीमत पर सत्ता में काबिज रहने की उसकी मानसिकता अब किसी से छिपी नहीं है। पिछली कांग्रेस सरकार ने सुनियोजित तरीके से युवाओं को नशे की लत में धकेलने का वातावरण तैयार किया और पूरे छत्तीसगढ़ को “उड़ता छत्तीसगढ़” बनाने की दिशा में काम किया। लेकिन प्रदेश की जागरूक जनता ने उनके इन खतरनाक मंसूबों को समय रहते समझ लिया और लोकतांत्रिक तरीके से उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। अवैध अफीम की खेती पकड़ी जा रही है और दोषियों पर लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में कांग्रेस का इस मुद्दे पर बयान देना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह उनकी दोहरी मानसिकता को भी उजागर करता है।
अग्रवाल ने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि जब प्रदेश में अफीम की खेती फल-फूल रही थी, तब उनके नेता क्या कर रहे थे? क्या यह सच नहीं है कि उनके संरक्षण में ही नशे का जाल फैलाया गया? अब जब कार्रवाई हो रही है, तो कांग्रेस को परेशानी क्यों हो रही है?
उन्होंने आगे कहा कि आज जब भाजपा सरकार नशे के कारोबार पर लगातार कड़ा प्रहार कर रही है, अवैध गतिविधियों का पर्दाफाश हो रहा है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है, तो कांग्रेस बौखला गई है। कांग्रेस के नेता तथ्यहीन और अनर्गल बयानबाजी कर न केवल अपनी हताशा प्रकट कर रहे हैं, बल्कि जनता के बीच हंसी के पात्र भी बन रहे हैं।
अशोक अग्रवाल ने साफ शब्दों में स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। छत्तीसगढ़ को नशामुक्त और सुरक्षित बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अंत मे अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए, क्योंकि जिस समस्या को उन्होंने जन्म दिया, आज उसी के खिलाफ निर्णायक लड़ाई भाजपा सरकार लड़ रही है। प्रदेश की जनता यह भली-भांति जानती है कि नशामुक्त, सुरक्षित और सशक्त छत्तीसगढ़ केवल भाजपा के नेतृत्व में ही संभव है।