थाना सिटी कोतवाली में रिपोर्ट करानें के बाद कार्यवाही शुन्य

थाना सिटी कोतवाली में रिपोर्ट करानें के बाद कार्यवाही शुन्य

सारंगढ़ । मैं अनिल अग्रवाल अपने पुत्र कृष अग्रवाल उम्र 21 वर्ष को जुआ-स‌ट्टा खेला कर अवैध रकम वसूल करने तथा नहीं देने पर जान सहित मार देने का धमकी देते हुए रास्ता रोककर,अश्लील गाली - गलौज करने के संबंध में सिटी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करवाया था मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है, अनिल ने बताया कि - मैं सारंगढ़ शहर में गल्ला किराना दुकान संचालित कर अपनी परिवार का भरण - पोषण करता हूँ । मेरे एक मात्र पुत्र कृष अग्रवाल है जो मेरे अनुपस्थिति में दुकान संचालन भी करता है। मेरे अनुपस्थिति में शहर के कुछ युवा मेरे पुत्र के पास आ-आ कर बैठकर जुआ , सट्टा खेलने के लिए दिग्भ्रमित करके उसके जीवन का संकट में डालते हुए उसके इच्छा के विरूद्ध जबर्दस्ती पैसा देकर जुआ-स‌ट्टा खेलने के लिए मजबूर किया गया, तथा योजनाबद्ध तरीके से गलत रास्ते में उसे धकेलकर अवैध रकम निरन्तर वसूल किया जा रहा है ।

विदित हो कि - मनमाने ढंग से कभी 10 लाख उधारी हो जाने तो कभी 20 लाख उधारी की बात करते हुए मेरे पुत्र से अवैध रकम युवक वसूल करते रहे । मेरे पुत्र के द्वारा रकम नहीं दिये जाने पर उपरोक्त नामित व्यक्तियों के द्वारा कई बार हाथापाई करते हुए मारपीट भी किया गया है। जिसकी जानकारी यद्यपि मेरे पुत्र द्वारा भय के कारण नहीं दी , स्थान भारत माता चौक के पास स्थित सिप्पी स्टोर्स के सामने रास्ते पर गाडी अडाकर धमकी दिये जाने से मेरा पुत्र भयभीत रहता था । मेरे द्वारा पूछने पर पुत्र द्वारा उपरोक्त जान कारी दी गई। जो चेक गुम गया था, जिसकी सूचना थाना सारंगढ़ एवं भारतीय स्टेट बैंक खातो सारंगढ़ ने मेरे पुत्र के द्वारा दिया भी गया है को मेरे पुत्र से लुटकर जप्त कर मनमाने ढंग से रकम भरकर न्यायालय में परिवार भी दायर किया गया है । इसके बावजूद दिनांक 13 अगस्त 24 को रास्ता रोककर अवैध रकम की मांग करने , नहीं दिये जाने पर जान सहित मारने की धमकी दिया गया, जिससे भयभीत व संकुचित मेरा पुत्र कृष अग्रवाल आत्महत्या करने के उद्देश्य से डिटाल नामक जहरीली पेय पदार्थ को पी लिया था । दिनांक 17 अगस्त 24 के सुबह डिटाल के सेवन कर लेने पर कृष का स्वास्थ्य बिगडने लगा, तब मैं कृष को पूछा कि - ऐसे कदम क्यों उठाये तब उसके द्वारा मुझे उपरोक्त जानकारी दिया गया । 

ज्ञातव्य है कि - मैं तत्काल उक्त युवक को फोन किया कि - आप लोगों के द्वारा प्रताड़ित करने पर मेरा पुत्र कृष डिटाल नामक जहरीली पदार्थ का सेवन कर लिया है. जिसे सुनकर दोनों मेरे घर आये और घर घुसकर ऊपर के कमरे हाल में आकर मुझे भी पुत्र के साथ धमकी देने लगे की हमारा पैसा नहीं दे रहा है, जो करना है कर लेना कृष मरे या जीये उससे हमें कोई मतलब नहीं है और यदि हमारे खिलाफ कोई रिपोर्ट व शिकायत करोगे तो पूरे परिवार को जान सहित मार देंगे का धमकी देते हुए चले गये। उनके द्वारा विधि विरूद्ध ढंग से घर में प्रवेश कर धमकी देने पर से हम पूरे परिवार भयभीत हो गये और इलाज हेतु पुलिस विभाग के 112 वाहन को फोन किये। 112 वाहन पुलिस सहित हमारे घर आकर व कृष के दयनीय हालत को देखते हुए उपचार हेतु जिला अस्पताल सारंगढ़ ले जाया गया । जहां देर शाम तक उपचार किया गया, किन्तु सुधार नहीं होने पर रायगढ़ मेडिकल कालेज रिफर कर दिया , मेडिकल कालेज रायगढ़ में दिनांक 17 अगस्त 24 रात्रि 7 बजे से लेकर दिनांक 21 अगस्त 24 तक 11 बजे तक गहन चिकित्सा के साथ स्वास्थ्य में सुधार होने पर 12 बजे डिस्चार्ज करने पर हम घर आये हैं । 25 अगस्त को थाने में आवेदन दिया था जिसमें नामित व्यक्तियों ने मेरे नासमझ कोमल चित्त नवयुवक का क्रिकेट मैच IPL अथवा विश्वकप एवं अन्य मैचों में खेले जाने वाले क्रिकेट दौरान मोबाईल फोन के माध्यम से हर 5 ओव्हर 10 ओव्हर रन बनाने, विकेट गिरने आउट होने के संबंध में बात ही बातों में रकम लगवा कर रकम ऐठने का और रकम नहीं देने पर फंसा देने का मनोवैज्ञानिक दबाव उनके द्वारा निरन्तर किया जा रहा है । जिस प्रताड़ना से एवं आत्महत्या कर लेने जैसे बातों को कहकर उस दिन मेरा पुत्र आत्महत्या करने के नियत से डिटाल नामक धीमी जहर वाली पेय पदार्थ को पी लिया था। 

यदि समय पर समुचित उपचार कृष अग्रवाल का नहीं होता तो कृष अग्रवाल का मृत्यु भी हो सकता था जिसके लिए नामित व्यक्ति , जिम्मेदार हैं। नवयुवक पुत्र के हालत व स्थिति को देख सुनकर हम पूरे परिवार वाले अत्यंत ही भयभीत सशंकित है। भय के कारण स्वतंत्र रूप से जीवन जीना दुष्कर हो गया है। यदि कभी किसी प्रकार से कोई घटना दुर्घटना मेरे अथवा मेरे पुत्र व परिवार वालों के साथ घटेगी तो उसकी जिम्मेदारी उपरोक्त नामित व्यक्तियों का होगा।रायगढ़ से उपचार कराकर वापस आने के बाद चौक - चौराहे में भी पुनः धमकी उपरोक्त नामित व्यक्तियों के द्वारा दिया जा रहा है। जिसे मेरे हितैषीगण जानकारी दिये, दिनांक 17 अक्टूबर 24 को घटित घटना के बारे में, मेरे पत्नी, मेरी पुत्री, मेरी माँ आदि सब देख व सुने है व शहर के सौरभ अग्रवाल, देवेन्द्र राज गुप्ता आदि लोग जानते है। 112 से अस्पताल ले जाने डॉ. के द्वारा उपचार करने, गहन चिकित्सा हेतु रायगढ़ मेडिकल कालेज रिफर करने व छुट्टी होने के बाद घर वापस आने पश्चात् दोषियों के विरूद्ध पुलिस द्वारा कार्यवाही की जावेगी की आस में कोई अलग से सूचना प्रार्थी नहीं दिया है, आज पर्यन्त भी दोषियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं होने पर मैं यह लिखित आवेदन प्रस्तुत करता हूँ । सारंगढ़ पुलिस विभाग की कार्यवाही कितनी धीमी गति से हो रही है यह इस बात को पुष्ट करता है कि - आज 50 दिन बीत गए , आरोपी बिना लाइसेंस के ब्याज के काम करने वाले जो मासिक ब्याज में लोगों को फंसाकर आत्म हत्या करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, वें आरोपी खुले आम घूम रहे हैं जो मासिक ब्याज 10% ,20 % लेकर शहर में अपनी मायावी दुनिया चला रहें हैं और सारंगढ़ पुलिस हाथ में हाथ धरे बैठी है । प्रार्थी अनिल अग्रवाल दोषियों के विरूद्ध कठोर से कठोर एवं उचित कार्यवाही करने की मांग कर रहा ।