लैलूंगा के ग्राम जामढोंढी में 6 वर्षीय मासूम की कुएं में डुबोकर हत्या, निर्दयी पिता गिरफ्तार
???? *लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम जामढोंढी भदरापारा की घटना*
???? *घरेलू विवाद—तनाव में पिता ने 6 वर्षीय बेटे को कुएं में फेंककर पानी में डुबोया*
???? *घटना की सूचना मिलते ही लैलूंगा पुलिस ने मौके से आरोपी को हिरासत में लिया*
???? *धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध*
???? *आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया*
???? *मासूम की हत्या पर एसएसपी शशि मोहन सिंह का कड़ा बयान — “कानून से ऊपर कोई नहीं, जघन्य अपराध पर होगी कठोर कार्रवाई”*
*रायगढ़, 10 फरवरी*। लैलूंगा थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 15, ग्राम जामढोंढी भदरापारा में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक पिता ने अपने ही 6 वर्षीय पुत्र की कुएं में डुबोकर हत्या कर दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन एवं एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन पर लैलूंगा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर 24 घंटे के भीतर जेल भेज दिया है।
घटना के संबंध में आरोपी के भाई मनोज महेश्वरी (उम्र 28 वर्ष) ने बताया कि वे तीन भाई हैं—बड़ा विजय, मंझला विनोद और वह स्वयं। विजय अपने परिवार के साथ निर्माणाधीन मकान में रहता है, जबकि विनोद अपने दो पुत्रों (उम्र 8 वर्ष एवं 6 वर्ष) के साथ बगल के घर में रहता था। उसकी पत्नी अलग रह रही थी और वह घरेलू विवाद के कारण तनावग्रस्त रहता था।
रविवार 8 फरवरी की शाम लगभग 6 बजे विनोद अपने छोटे बेटे के साथ घर के सामने खड़ा था। अगले दिन सुबह मनोज जब मकान के पीछे स्थित कुएं के पास टुल्लू पंप चालू करने गया, तो कुएं के भीतर से विनोद की आवाज आई कि मोटर बंद कर दो, वह भीतर है। आसपास के लोगों को बुलाकर पूछताछ करने पर विनोद ने बताया कि उसने अपने छोटे बेटे को हत्या की नियत से कुएं में फेंक दिया और स्वयं अंदर उतरकर पानी में डुबोकर उसकी हत्या कर दी।
सूचना मिलते ही लैलूंगा पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी व मृत बालक को कुएं से बाहर निकाला। घटना की रिपोर्ट पर थाना लैलूंगा में *अपराध क्रमांक 38/2026 धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता* के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। *आरोपी विनोद महेश्वरी पिता स्व. मोहनराम महेश्वरी (उम्र 30 वर्ष) निवासी वार्ड क्रमांक 15, ग्राम जामढोंढी भदरापारा थाना लैलूंगा* को गिरफ्तार कर नियमानुसार न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस संवेदनशील मामले में थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव एवं उनकी टीम ने तत्परता से कार्रवाई की।
???? एसएसपी शशि मोहन सिंह का कड़ा संदेश —
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने इस मार्मिक घटना पर कहा है कि *“यह घटना अत्यंत पीड़ादायक और झकझोर देने वाली है। किसी भी परिस्थिति में कानून हाथ में लेना या मासूम जीवन के साथ इस प्रकार की क्रूरता अस्वीकार्य है। घरेलू तनाव या पारिवारिक विवाद का समाधान हिंसा नहीं हो सकता। समाज और परिवार दोनों की जिम्मेदारी है कि ऐसे मानसिक तनाव के संकेतों को गंभीरता से लें। रायगढ़ पुलिस ऐसे जघन्य अपराधों पर त्वरित एवं कठोर वैधानिक कार्रवाई करती रहेगी। कानून से ऊपर कोई नहीं है।”*