चौकी खरसिया पुलिस ने सेंट जॉन्स स्कूल में रिकार्ड 2100 बच्चों तक पहुंचा साइबर जागृति अभियान, छात्रों को साइबर सुरक्षा का दिया मंत्र
रायगढ़ पुलिस दिनांक – 19 अगस्त 2026
19 अगस्त, रायगढ़ । साइबर अपराधों के प्रति प्रदेशवासियों को जागरूक करने छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सशक्त एवं इनोवेटिव “साइबर जागृति अभियान” के तहत खरसिया पुलिस ने सेंट जॉन्स स्कूल में वृहद साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रिकॉर्ड 2100 विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। प्रदेशभर में 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक चल रहे इस अभियान का उद्देश्य सोशल मीडिया और जनभागीदारी के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना है। जिले में एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में पुलिस अधिकारी एवं जवान लगातार स्कूल, कॉलेज एवं विभिन्न संस्थानों तक पहुंचकर साइबर सुरक्षा का संदेश दे रहे हैं।
एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव ने बच्चों को बताया साइबर सुरक्षा का महत्व
एसडीओपी खरसिया श्री सतीश भार्गव ने कहा कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता है। बच्चों को शुरू से ही सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की आदत डालनी चाहिए और किसी भी अनजान लिंक, कॉल या ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा करने से पहले अपने अभिभावकों से सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक बनने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की।
2100 बच्चों के बीच साइबर सुरक्षा के ब्रांड एंबेसडर बने निरीक्षक त्रिपाठी
सेंट जॉन्स स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए साइबर अपराधों के बढ़ते स्वरूप और उनसे बचने के आसान उपाय बताए। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि साइबर अपराधी बच्चों और युवाओं को भी अपना निशाना बना रहे हैं। ऑनलाइन गेमिंग, अनजान लिंक, फर्जी ऑफर, सोशल मीडिया पर अज्ञात लोगों से बातचीत तथा लालच देने वाले मैसेज के जरिए साइबर ठगी का शिकार बनाया जा सकता है।
निरीक्षक त्रिपाठी ने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले रुकें, सोचें और अपने माता-पिता अथवा शिक्षकों से जरूर सलाह लें। उन्होंने ऑनलाइन गेम के दौरान होने वाले मानसिक दबाव और लत से भी विद्यार्थियों को सावधान किया तथा कहा कि साइबर दुनिया में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
“जागरूकता की एक सेल्फी” से बने साइबर जागरूकता के दूत
कार्यक्रम के दौरान निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने अभियान की अभिनव पहल “जागरूकता की एक सेल्फी” के बारे में विद्यार्थियों को बताया। उन्होंने बच्चों को स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने के साथ-साथ अपने माता-पिता और परिवार के सदस्यों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एक जागरूक बच्चा पूरे परिवार को साइबर अपराध से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विद्यार्थियों को अपने अभिभावकों के साथ “जागरूकता की एक सेल्फी” लेकर साइबर सुरक्षा का संदेश सोशल मीडिया के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देश पर लगातार बढ़ रहा अभियान का दायरा
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में रायगढ़ पुलिस द्वारा जिले में प्रतिदिन एक हजार से अधिक बच्चों तक साइबर जागरूकता का संदेश पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी क्रम में खरसिया पुलिस द्वारा एक ही कार्यक्रम में 2100 विद्यार्थियों, टीचर्स को जागरूक कर अभियान को नई गति दी गई। पुलिस का प्रयास है कि स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके माध्यम से अभिभावकों और परिवार के अन्य सदस्यों तक भी साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंचे।
कार्यक्रम में एसडीओपी खरसिया श्री सतीश भार्गव, चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक सीताराम ध्रुव सहित चौकी एवं थाना खरसिया का स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर अपराधों से बचाव के उपायों को समझा और जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।