लापरवाही - बिना विद्यालय के ही बना दिये गये अतरिक्त कक्ष अब फांक रहा है धूल....

40 लाख रुपये के लागत से बनी अतरिक्त कक्ष मे एक भी दिन नही लगा स्कूल ग्रामीणों ने प्रशासन से की  सरकारी राशि वसुल करने की मांग..... 

कैपिटल छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क....

 संवाददाता :- दीपक गुप्ता....✍️

 सूरजपुर /भैयाथान : - शासन के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर तरह की कवायद की जाती रही है और उन्हें सर्व सुविधायुक्त भवन बनाकर दिया जा रहा है । ताकि बच्चे अच्छी शिक्षा ग्रहण कर सके लेकिन प्रशासन के कुछ लोग शासन के सोच पर पलीता लगाने में परहेज नहीं कर रहे हैं। जिले के विकासखंड भैयाथान अंतर्गत ग्राम पंचायत बांसापारा में बिना हायर सेकेंडरी स्कूल के लगभग 40 लाख रुपए लागत की अतिरिक्त स्कूल भवन लोक निर्माण विभाग द्वारा बीते सात वर्ष पूर्व बना दिया जो अब धूल फांक रहा है। स्कूल भवन बनने के बाद एक दिन भी वहां कक्षा का संचालन नहीं हुआ और नहीं वहां बच्चे आए जबकि नवीन अतिरिक्त कक्ष सर्व सुविधा युक्त बना है जिसमें सभी कमरो में पंखा, ट्यूबलाइट एवम शौचालय निर्माण के साथ पेयजल हेतु ट्यूबवेल खनन के साथ सौर ऊर्जा से सप्लाई की भी व्यवस्था की गई थी लेकिन भला यह सुविधा किसके लिए वहां तो बच्चे ही नहीं जाते यही कारण है कि स्कूल लगे बिना ही जर्जर हालत में पहुंच चुका है। धीरे-धीरे इस स्कूल भवन के खिड़की दरवाजे चोरी होकर इसका वजूद मिटता चला जा रहा है। ऐसे स्कूल भवन अब जुआरियों, शराबियों और अपराधियों का अड्डा बनता जा रहा है। बंद स्कूल भवनों के ताले तोड़ इसमें असामाजिक तत्वों की जमघट लगी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पैसा कमाने के लिए इस अनुपयोगी स्कूल भवन को बनाया गया। लेकिन भवन का रख रखाव के साथ उपयोग भी हो जाता इस ओर भला सोचने का फुर्सत किसे है।

बैठक के लिए जगह मिल जाती ग्रामीण :- ग्राम पंचायत बांसापारा के ग्रामीणों का कहना है अतिरिक्त हायर सेकेंडरी स्कूल भवन को अगर बना ही दिया गया है जिसका उपयोग आज तक नहीं हुआ इसलिए उसे महिला स्व सहायता समूह को दे दिया जाना चाहिए तो इससे उन्हें बैठक के लिए भवन उपलब्ध हो जाता लेकिन इस ओर सोचने वाला कोई नहीं। 

खत्म हो जाता मवालियों का अड्डा :- कहते हैं कि प्रशासन को ऐसे भवन की सुध लेने की जरूरत है ताकि ऐसे भवन से मवालियों का अड्डा खत्म हो जाए साथ ही खिड़की दरवाजे चोरी होने बच जाते।

 स्थल निरीक्षण में जिम्मेदारों ने बरती लापरवाही :- किसी भी निर्माण कार्य के पूर्व संबंधित विभाग के द्वारा अधिकारियों के माध्यम से स्थल का निरीक्षण कराया जाता है लेकिन उक्त हुए निर्माण कार्य में जिम्मेदारों द्वारा सही तरीके से स्थल का निरीक्षण नही किया गया यदि निरीक्षण अपने रिपोर्ट लिखते उक्त ग्राम पंचायत में हायर सेकेंडरी स्कूल है ही नही तो भला अतिरिक्त हाई स्कूल भवन बनने का औचित्य ही कहां है।

वसूली होनी चाहिए सरकारी राशि :- ग्रामीणों का कहना है कि जिसने इस अनुपयोगी भवन का निर्माण कराया है ऐसे लोगो पर सक्त कार्यवाही करते हुए राशि वसूली की कार्यवाही करने की मांग जिला प्रशासन से की है। वही प्रभारी बीइओ घनश्याम सिंह व बीआरसी अजेंद्र नाथ दुबे ने बताया कि इस संबंध में किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ललित पटेल ने पत्रकारों से कहा कि अगर बिना हायर सेकंडरी स्कूल के अतिरिक्त भवन बना है तो यह गलत है जांच कराकर कार्यवाही की जाएगी।