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कैपिटल छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क...
संवाददाता :- दीपक गुप्ता.....✍️
सूरजपुर :- जिले के विकासखण्ड भैयाथान में तीन महीने पहले हुई ओलावृष्टि से 200 से अधिक किसानों के फसलों का नुकसान हुआ था, जिसका अभी तक मुआवजा नहीं मिल सका है। पीड़ित किसान एसडीएम दफ्तर के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। अब किसानों के पास दूसरे फसल लगाने के लिए रुपए नहीं है। किसानों की शिकायत है कि राजस्व विभाग ने पटवारी से इलाके का मुआयना भी कराया था। पटवारी ने मौके पर जांच के बाद प्रस्ताव बनाकर प्रतिवेदन संबंधित अधिकारी को सौंपा था। प्रशासन ने किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा देने का आश्वासन भी दिया था पर आज तीन महीने बीत जाने के बाद भी किसानों को मुआवजा राशि नहीं दी गई। आपको बता दें कि मार्च के दूसरे सप्ताह में इलाके के गंगौटी, बांसापारा, जुर, बंजा सहित आसपास के इलाके में जमकर बर्फ गिरे थे जिससे किसानों को करीब 350 हैक्टेयर की खेत में लगे गेंहू, सरसों के साथ टमाटर और चना के साथ दूसरी सब्जियां पूरी तरह से नष्ट हो गई थी। अब किसानों के सामने स्थिति यह है कि उनके पास धान का बीज और खाद खरीदने तक के लिए रुपए नहीं हैं। इधर इलाके के पटवारी का कहना है कि मौके की जांच कर प्रतिवेदन तहसील कार्यालय में जमा कर दिया गया है वहीं से आगे की कार्रवाई करते हुए जिन किसानों की फसल प्रभावित हुई है उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजा मिलने में लेतलतीफी को देखते। हुए किसानों ने किसी तरह से कर्ज लेकर अपने घर को रहने लायक न बनाया। वहीं अभी भी कई ऐसे ग्रामीण हैं जिनके घर के ऊपर न सीट है न छप्पर ओलावृष्टि होने के करीब 15 दिन बाद ही इलाके में तेज रफ्तार से आए आंधी और तूफान ने इलाके में जमकर कहर मचाया था। 20 से अधिक ग्रामीणों के घरों के ऊपर से सीट निकल कर 500 मीटर दूर फेंका गए थे। इसके साथ ही कई लोगों के घरों पर पर पेड़ भी गिर गए थे, जिसका मुआवजा प्रशासन को देना था, लेकिन अभी तक मुआवजा देने की प्रक्रिया ही पूरी नहीं की जा सकी है।
भैयाथान विकासखंड के बडसरा, करौदामुड़ा सहित नावापारा के अलावा कई गांवों में तूफान ने कहर मचाया था। जिसमें छतर राम पिता शिव धारी, पिच धारी पिता समलसाय, राजेश पिता शेषमन सहित दूसरे ग्रामीणों के घरों को नुकसान पहुंचा था। ग्रामीणों ने किसी तरह से कर्ज लेकर फिर से घर की मरम्मत की थी, लेकिन फिर से आए तूफान में घर दुबारा तबाह हो गया। अब मान सिंह सहित कई ग्रामीण प्लास्टिक से घर को बचाने जुटे हैं। करौंदामुड़ा के रहने वाले महेंद्र राम पिता छतर राम का दोबारा आए तूफान से घर का पूरा सीट उखड़ कर फेंका गया, जिससे पूरा सीट टूट गया। इसके साथ ही महेंद्र के सीट पर चोटें भी आई। घटना की जानकारी पटवारी को दिया गया लेकिन मुआवजा की कार्रवाई अभी तक पूरी नहीं हो सकी है।
माह भर के भीतर मिलेगा मुआवजा :- इस संबंध मे भैयाथान तहसीलदार संजय राठौर ने पत्रकारों को बताया कि मार्च में हुई ओलावृष्टि से किसानों के फसल को नुकसान हुआ था। प्रभावित सभी किसानों के क्षतिपूर्ति प्रकरण की स्वीकृति मिल गई है। वहीं आंधी तूफान से घरों को काफी नुकसान हुआ है सभी किसानों के प्रकरण तैयार कर भेज दिया गया है। जिन घरों का नुकसान दो बार हुआ उन्हें दोनों बार की क्षतिपूर्ति राशि मिलेगी। एक माह के अंदर सभी प्रभावितों को भुगतान हो जाएगा।