परेशानी :- लगातार हो रही बारिश से धराशायी हो रहे गरीबों के कच्चे आशियाने पुर्व मे क्षतिपूर्ति प्रकरण तहसील मे लंबित...

नाली निर्माण नही होने से सड़के जलमग्न वाहन चालकों की बढ़ी परेशानी.... इधर आंधी तूफान से हुऐ क्षतिग्रस्त का प्रकरण कई महिनों से तहसील मे लंबित...

कैपिटल छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क...

संवाददाता :- दीपक गुप्ता....✍️ 

सूरजपुर / भैयाथान :- क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश से गरीबों के कच्चे आशियाने गिरने लगे हैं। बीते एक पखवाड़े में दो दर्जन से अधिक लोगों के मकान गिर गए हैं। यही नहीं जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण कई लोगों के घरों में पानी भर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या हो गई है। वही नाली का उचित प्रबंध नही होने से से बारिश का पानी सीधा सड़कों पर बह रही है जिस कारण सड़क पर जगह जगह गढ्ढे हो गए हैं और परिणामस्वरूप वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । वहीं गरीबों के आशियाने की अगर बात करें तो मिट्टी के बने घरों में सीलन आने लगी है। इस वजह से घरों के गिरने का सिलसिला जारी है। यही कारण है कि तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायतों में कच्चे मकान गिर रहे हैं। इससे घरेलू सामान भी बर्बाद हो रहे हैं। गरीबों को बरसात में काफी आर्थिक क्षति के साथ परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत हर एक गरीब परिवार को आवास देने के सरकारी दावे के बावजूद गरीब परिवारों को पक्का आवास मुहैया नहीं हो पाना कई सवालों को जन्म दे रहा है।

इन पंचायतों में गिरे हैं। मकान :- ग्राम पंचायत बड़सरा में 17, तरका में 06, गोविंदगढ़ 11, सावारावां 09, बसकर 03, करौदामुड़ा 05. कुरीडीह में 06 सहित अन्य ग्रामों में कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। करौंदामुड़ा सरपंच सत्यनारायण सिंह ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व आंधी तूफान से कई घरों को नुकसान पहुंचा था। लेकिन ग्रामीणों को क्षतिपूर्ति राशि आज तक नहीं मिली। वहीं जनपद सदस्य सुनील साहू ने बताया कि इसी वर्ष आए आंधी- तूफन से बड़सरा, करौंदामुड़ा, खाड़ापारा, बसकर, बांसापारा, गंगौटी, डबरीपारा, गोविंदगढ़, सांवारांवा में कई घर क्षतिग्रस्त हुए थे। इनका प्रकरण भी तहसील में जमा हुआ। लेकिन उन्हें आज तक क्षतिपूर्ति राशि नही मिल सकी है। प्रशासन से अतिशीघ्र राशि दिलाए जाने की मांग की है। वहीं इस संबंध में भैयाथान तहसीलदार संजय राठौर ने पत्रकारों को बताया कि क्षतिग्रस्त मकान का प्रकरण ग्राम पंचायत स्तर पर पटवारी द्वारा बनाया जा रहा है। कई प्रकरण प्रोसेस में हैं। पूर्व के कई प्रकरण में हितग्राही के खातों में दिक्कत थी जिसे अपडेट कर दिया गया है। अतिशीघ्र स्वीकृत प्रकरण की सहयोग राशि ग्रामीणों को मिल जाएगी।