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कैपिटल छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क....
संवाददाता :- दीपक गुप्ता...✍️
सूरजपुर :- जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत सरहरी जंगल में एक नर हाथी का सड़ा - गला शव गुरुवार की दोपहर मिला। लकड़ी लेने गए ग्रामीणों की अचानक नजर पड़ी तो वे भागे-भागे गांव पहुंचे और वन विभाग को सूचना दी। हाथी का शव मिलने की सूचना से वन विभाग में हडक़ंप मचा हुआ है। वहीं वन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि काफी समय पहले मृत हाथी के बारे में वन अमले को जानकारी ही नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त हाथी अक्सर आस-पास के क्षेत्र में घूमता रहता था। इधर सूचना पर हाथी विशेषज्ञ व डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची और जांच की। प्रतापपुर वन विभाग कार्यालय से 6 किलोमीटर दूर ग्राम सरहरी के गोरहाडांड़ इलाके में नर हाथी का शव सड़ा - गला अवस्था में मिला है। लकड़ी लेने जंगल गए ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इधर ग्रामीणों में इस बात को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है कि हाथी की मौत की भनक तक वन विभाग को इतने दिनों तक नहीं लग सकी, जबकि शव काफी पुराना हो चुका है। वन विभाग की गश्ती दल पर भी इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि वन विभाग की लापरवाही को दर्शाता है। हाथी कि मौत किन परिस्थितियों व किस वजह से हुई है, इसका पता फिलहाल नहीं चल सका है। वन विभाग के अधिकारियों की सूचना पर वन्य प्राणी विशेषज्ञ व डॉक्टर मौके पर पहुंचे थे। पीएम के बाद ही इस बात का पता चल पाएगा कि हाथी की मौत आखिर कैसे हुई...?
वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी का कहना है कि हम मामले की गहराई से जांच करेंगे और मौत का कारण पता लगाने की कोशिश करेंगे। अगर किसी तरह की अप्राकृतिक गतिविधि जैसे शिकार या जहर दिए जाने की पुष्टि होती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इधर प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के सोनगरा से लगे झिंगादोहर में एक हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। उसने खेत में लगी धान व सब्जियों को काफी नुकसान पहुंचाया। इधर ग्रामीणों में इस बात को लेकर वन विभाग के अधिकारियों के प्रति नाराजगी देखी गई कि क्षेत्र में होने के बावजूद उन्होंने हाथी को भगाने का प्रयास तक नहीं किया। आरोप है कि जब ग्रामीणों ने रेंजर उत्तम मिश्रा व दरोगा अनंद सरकार को फोन किया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।