गरीब परिवार को नही मिल पा रहा रहा शासकीय योजनाओं का लाभ पंचायत सचिव पर लापरवाही करने के आरोप....

कैपिटल छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क....

संवाददाता :- दीपक गुप्ता...✍️

 सूरजपुर :- जिले के दुरांचल ब्लॉक मुख्यालय प्रेमनगर जनपद पंचायत के सचिव अपने मनमानी पर उतर आए है। अपने सचिवालयों में कभी कभार बैठ रहे है। जिससे ग्रामीण अपने कार्यों को लेकर पंचायत भवन का चक्कर लगा रहे है। इसी कड़ी में जनपद प्रेमनगर के अंतर्गत एक पंचायत सचिव इन दिनों जनपद के अफसरो के लाडले बन कर बैठे हुए हैं। इनके विरुद्ध स्थानीय ग्रामीणों द्वारा शिकायत देने के बाद भी जनपद के अफसर आंख बंद किए हुए है। ग्राम बकिरमा के एक ग्रामीण ने जिला पंचायत सीईओ के नाम से जनपद सीईओ को एक पत्र देकर पंचायत सचिव साधु चरण साहू के विरुद्ध कार्य में लापरवाही बरतने शासन से मिलने वाले राशि को गमन करने, तथा शासन की योजनाओं के लिए घुमाने का गंभीर आरोप लगाया है और कार्यवाई की मांग की है गौरतलब है कि आवेदक राजकुमार आ. देवनाथ, ग्राम बकिरमा (बिंझवारी डांड) का निवासी है। इसने गुरुवार को जनपद पंचायत प्रेमनगर में लिखित शिकायत देकर बताया कि मेरे पिता देव नाथ का आकस्मिक निधन 17 सितंबर 2024 को मेरे घर पर हुआ था। गरीबी होने के कारण मृत्यु के पश्चात समूह से ऋण लेकर पिता का दाह संस्कार किया हूं। पिता के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदक 20 दिन तक पंचायत सचिव साधू चरण साहू के द्वारा घुमाया गया जिसके बाद मृत्यु प्रमाण पत्र बनाया गया आवेदक राजकुमार ने सचिव साहू से शासन से मिलने वाले श्रद्धांजलि योजना के तहत मृतक के परिवार को राशि 2000 (दो हजार) की राशी की मांग की गई। जिस पर सचिव घुमा रहा है। जो आज दिनांक तक नहीं मिला है। जबकि श्रद्धांजलि योजना के तहत मृतक परिवार को तत्काल में नगद के तौर आर्थिक सहायता राशि प्रदान किया जाता है।

 आवेदक राजकुमार ने परिवार सहायता योजना के तहत शासन द्वारा परिवार सहायता योजना के तहत राशि 20000 (बीस हजार) रूपये के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र, मृतक का आधार कार्ड, आवेदक के माता का आधार कार्ड, लेकर सचिव साधू चरण साहू के पास कई दफा गये है। आवेदक के पिता का गरीबी रेखा सर्वे सूचि में नाम भी है इसके बाद भी सचिव साधू चरण साहू के द्वारा गोल मोल जवाब देकर घुमाया जाता है, पंचायत भवन में सप्ताह में कभी - कभी आते है. अन्य समय नदारद रहते हैं  पंचायत सचिव पर कार्यवाही और उसको मिलने वाले योजना का लाभ जनपद पंचायत को पत्र देकर की है ।