प्रत्येक व्यक्ति को ईश्वर पर रखनी चाहिए आस्था :- पुज्या शीघ्रता त्रिपाठी....

भागवत कथा मे रोज उमड़ रही श्रोताओं की भीड़ महिलाएं और बच्चों मे खासा उत्साह....

कैपिटल छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क....

संवाददाता :- दीपक गुप्ता....✍️

सूरजपुर :- जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम बड़सरा मे चल रहे श्री मद भागवत कथा के तृतीय दिवस को भक्ति गीत के माध्यम से पुज्या शीघ्रता त्रिपाठी ने बताया की मेरे झोपड़ी के भाग कल खुल जायेंगे श्याम आयेंगे , आयेंगे... श्याम आयेंगे.... वही आज कथा व्यास पुज्या शीघ्रता त्रिपाठी ने माँ दुर्गा माँ काली की मार्मिक कथा श्रोताओं को सुनाया । उन्होंने कथा प्रसंग के दौरान श्रोताओं को बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को ईश्वर पर आस्था रखनी चाहिए आज जिस तरह श्रीमद भागवत कथा मे श्रद्धालुओ की भीड़ उमड रही इससे यह प्रतीत होता है कि लोग धार्मिक कार्य मे शामिल हो रहें हैं ईश्वर के प्रति लोगों की आस्था बढ रही है । 

श्रोताओं ने किये माँ काली के रौद्र रूप के दर्शन :- कथा प्रसंग के उपस्थित श्रोताओं ने माँ काली के रौद्र रूप के दर्शन भी किये वही छत्तीसगढ़ी जस गीत झुमत , झुपत आबे दाई के धुन मे झुम उठे इस दौरान लोगों ने माँ काली की पूजा - अर्चना कर आरती भी उतारी । मां भगवती का वो अंश भगवान शिव के गले से अवतरित हुआ। भोलेनाथ ने तभी अपना तीसरा नेत्र खोला और उनके नेत्र के द्वार से मां ने भयंकर काली का विकराल रूप धारण कर लिया।

उनके इस रूप को देखकर देवता व राक्षस वहां से भागने लगे। उनका रूप इतना भयंकर था कि कोई भी उनके सामने टिक न पाया। देवी काली वह मां दुर्गा का एक भयानक रूप है। वह ब्रह्मांड की दिव्य स्त्री ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। मां काली बुराई का विनाश करती हैं और शक्तिशाली मानी जाती हैं। वह नश्वर हैं और राक्षसों और देवताओं द्वारा समान रूप से पूजनीय है जो उनके क्रोध का सामना करने से डरते हैं। वही आज तृतीय दिवस की कथा सुनने बसकर , बड़सरा , करौन्दामुड़ा सहित पड़ोसी जिला कोरिया के  खोड़  ,पाण्डवपारा से भी भारी संख्या श्रोतागण पहुचे थे ।

 भागवत कथा आयोजन कर्ता लक्ष्मी जायसवाल ने कैपिटल छत्तीसगढ़ न्यूज को बताया कि प्रथम दिवस से कथा विसर्जन अंतिम दिवस तक श्रोताओं तथा उपस्थित जनों के लिऐ कथा समाप्ति के पश्चात रात्रिभोज की व्यवस्था है । उन्होंने  सभी से भोजन / प्रसाद ग्रहण कर अपने - अपने घरों की ओर प्रस्थान करने का आग्रह किया है ।