महिला ने 10 साल की बेटी को गला घोंटकर मारा, फिर खुदकुशी कर ली, बेटे ने भागकर बचाई जान
बालोद में एक मां ने पहले अपनी 10 साल की बेटी की जान ले ली और फिर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका मां ने बेटे का गला घोंटने की भी कोशिश की, लेकिन वह कमरे से भाग गया। मृतका पिछले कुछ समय से मानसिक पूर से परेशान बताई जा रही है।
महिला ने बेटी की जान लेकर आत्महत्या कर ली.....
सोते हुए बेटे का गला दबाने की भी कोशिश की....
पति की मौत के बाद मानसिक रूप से परेशान थी....
बालोद: जिला मुख्यालय के शिकारीपारा वार्ड से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक मां ने जिस बेटी को प्यार दुलार देकर उसका भरण पोषण कर बड़ा किया। उसी मां ने ममता का गला घोंटकर दिया। पहले अपनी बेटी की हत्या की। इसके बाद खुद भी साड़ी से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली, जबकि बेटे ने किसी तरह कमरे से भागकर अपनी जान बचाई।
महिला के कांस्टेबल पति की पहले ही मौत हो चुकी है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस के अधिकारी, तहसीलदार, फारेंसिक की टीम मौके पर पहुंची। मिली जानकारी के अनुसार 37 वर्षीय मृतका निकिता पटौदी पिछले कुछ साल से मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीबन एक बजे उसने पहले अपने 13 वर्षीय बेटे रेवेंद्र पटौदी का गला दबाने की कोशिश की, लेकिन बेटा किसी तरह खुद को छुड़ाकर भाग गया और अपने मौसी के कमरे में जाकर बिना किसी को कुछ बताए सो गया।
इसके बाद निकिता ने अपने कमरे में सो रही 10 वर्षीय बेटी वैभवी की साड़ी से गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर उसी साड़ी के आधे हिस्से को काटकर पंखे में बांधकर फांसी लगा ली। सुबह जब पड़ोसी घर के पीछे की ओर पुताई कर रहा था, तब वेंटिलेशन से अंदर झांकने पर उसे कमरे के भीतर का भयावह दृश्य दिखा। उसने तुरंत स्वजन को इसकी जानकारी दी।
पति की मौत के बाद बिगड़ी मानसिक स्थिति....
मृतिका के पिता पंवर सिंह सोरी ने बताया कि निकिता की शादी ग्राम सांकरी में हुई थी। उनके पति रविशंकर पटौदी दल्लीराजहरा थाने में आरक्षक थे। तीन साल पहले कुसुमकसा के पास सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद से निकिता की मानसिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। वह अपने मायके शिकारीपारा में रह रही थी। वह कई बार अजीब हरकतें करती थी, लेकिन हमने कभी नहीं सोचा था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगी।
दिवाली की तैयारी कर रही थी वैभवी.....
स्वजन ने बताया कि निकिता के दोनों बच्चे बालोद में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। बेटा रेवेंद्र आठवीं और बेटी वैभवी पांचवीं कक्षा की छात्रा थी। वैभवी दिवाली की तैयारी में जुटी हुई थी, लेकिन अब घर पर मातम छा गया है। निकिता और वैभवी का अंतिम संस्कार शनिवार को उनके गृह ग्राम सांकरी (लाटाबोड़) में किया गया।
जांच में जुटी पुलिस....
एसडीओपी देवांश सिंह राठौर ने बताया कि घटना संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। स्वजन के अनुसार वो मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। प्राथमिक जांच में पाया गया कि उसने पहले बेटी की हत्या की और बाद में खुद आत्महत्या कर ली। मर्ग कायम कर शवों का पोस्टमार्टम करवाया गया। जिसके बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। आगे की जांच जारी है।