एग्रीस्टैक पोर्टल के नए नियमों से किसानों की परेशानी, किसान कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

एग्रीस्टैक पोर्टल के नए नियमों से किसानों की परेशानी, किसान कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

रायगढ़। एग्रीस्टैक पोर्टल में किसान पंजीयन के लिए लागू किए गए नए नियमों को लेकर किसानों को हो रही परेशानियों के समाधान की मांग उठने लगी है। छत्तीसगढ़ किसान कांग्रेस ने इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाने सहित कई मांगें रखी हैं।

ज्ञापन में कहा गया है कि एग्रीस्टैक पोर्टल पर किसान पंजीयन के नए नियमों के कारण रायगढ़ जिले सहित प्रदेश के किसानों को विभिन्न प्रकार की व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से संयुक्त खातेदारी वाली भूमि के किसानों के लिए अलग-अलग फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया जटिल और परेशानी भरी बताई गई है।

किसान कांग्रेस का कहना है कि एक ही परिवार की भूमि यदि संयुक्त खातेदारी में है तो अलग-अलग फार्मर आईडी बनाने के कारण किसानों को बार-बार दस्तावेज तैयार कराने और ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे बुजुर्ग किसान भी हैं, जिनके अंगूठे के निशान स्पष्ट नहीं होने अथवा बायोमेट्रिक सत्यापन में परेशानी के कारण पंजीयन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि किसानों का पंजीयन समय पर नहीं हो पाया तो उन्हें कृषि उपज की बिक्री तथा शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई हो सकती है।

किसान कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि किसानों की समस्याओं को देखते हुए एग्रीस्टैक पोर्टल की पंजीयन प्रक्रिया को सरल किया जाए, किसान स्व-घोषणा पत्र भरवाने की प्रक्रिया बंद की जाए तथा एग्रीस्टैक पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 तक की जाए।

किसान कांग्रेस ने मांग की है कि जिन किसानों को अंगूठे या बायोमेट्रिक सत्यापन में परेशानी हो रही है, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान पंजीयन संबंधी तकनीकी या प्रक्रियागत समस्या के कारण शासन की कृषि योजनाओं के लाभ से वंचित न हो।