चक्रधर समारोह में कलाकारों के चयन पर उठे सवाल, क्या अब नए चेहरों को मौका देने का समय?

चक्रधर समारोह में कलाकारों के चयन पर उठे सवाल, क्या अब नए चेहरों को मौका देने का समय?

रायगढ़। चक्रधर समारोह रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग प्रतिष्ठा रखने वाला आयोजन है। हर वर्ष देशभर से कलाकार यहां अपनी प्रस्तुतियां देने पहुंचते हैं। लेकिन इस बार कलाकारों के चयन को लेकर शहर में एक अलग तरह की चर्चा देखने को मिल रही है।

रायगढ़ के कुछ लोगों का कहना है कि हर वर्ष समारोह में कई ऐसे कलाकारों की प्रस्तुतियां देखने को मिलती हैं, जो पहले भी चक्रधर समारोह के मंच पर अपनी कला प्रस्तुत कर चुके हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या कार्यक्रम के आयोजन और कलाकार चयन में अब कुछ नए प्रयोग की जरूरत है?

लगातार एक जैसे कलाकारों की प्रस्तुतियों के कारण क्या दर्शकों की रुचि प्रभावित हो रही है? यह सवाल इसलिए भी उठ रहा है क्योंकि समारोह की कुछ प्रस्तुतियों में अपेक्षित संख्या में दर्शकों की मौजूदगी नजर नहीं आती।

रायगढ़ की जनता का एक वर्ग अब यह सवाल भी उठा रहा है कि जब चक्रधर समारोह राष्ट्रीय स्तर का मंच है, तो देश के अलग-अलग हिस्सों से उभरते और नए कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर क्यों न दिया जाए?

लोगों का मानना है कि कलाकार चयन समिति को स्थापित कलाकारों के साथ-साथ नए और उभरते कलाकारों, अलग-अलग विधाओं और नई सांस्कृतिक प्रस्तुतियों पर भी विचार करना चाहिए, ताकि समारोह में हर वर्ष दर्शकों को कुछ नया देखने और सुनने को मिले।

हालांकि, कलाकारों का चयन आयोजकों और समिति का विषय है, लेकिन दर्शकों की बदलती पसंद और समारोह की लोकप्रियता को देखते हुए यह चर्चा जरूर महत्वपूर्ण है कि क्या चक्रधर समारोह के मंच पर अब नए कलाकारों और नई प्रस्तुतियों को ज्यादा अवसर देने की जरूरत है?

चक्रधर समारोह सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान है। ऐसे में जनता की अपेक्षा यही है कि हर वर्ष समारोह में परंपरा के साथ नवीनता का भी समावेश हो और देशभर की नई प्रतिभाओं को इस प्रतिष्ठित मंच पर अपनी कला दिखाने का अवसर मिले।