सामुदायिक शौचालय मे पसरी गंदगी रख रखाव के अभाव में उपयोग विहिन स्वच्छता पर लगे प्रश्न चिन्ह....?

कैपिटल छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क....

 संवाददाता :- दीपक गुप्ता....✍️

  सूरजपुर / भैयाथान :- कहने को तो पूरा देश खुले शौचालय से मुक्त है और भारत सरकार इसके लिए हर स्तर से सुविधा प्रदान कर रही है लेकिन क्या सरकारी कार्यालयों में बने जनता के सुविधाओं के लिए सामुदायिक शौचालय का निर्माण सिर्फ दिखावा ही रह गया है आलम यह है कि यहा बदस्तूर गंदगी पसरी हुई है इस कारण यह सार्वजनिक शौचालय उपयोग विहिन हो गया है । मामला भैयाथान मुख्यालय से लगे जनपद पंचायत व तहसील कार्यालय के बीच मे बनी सामुदायिक शौचालय का है जिसके दोनों तरफ जनपद व राजस्व के कार्यालय है जहां विकासखंड के बड़े बड़े अधिकारी रोज बैठते है जिससे क्षेत्र के जनता के समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा सके और शायद हो भी रहा है । लेकिन अपनी फरियाद लिए आ रहे जनता के सुविधाओ के लिए निर्मित शौचालय का स्थिति बद से बत्तर है आखिर इसके जिम्मेदार कौन हैं । दिन प्रतिदिन सैकड़ों लोग अपने कामो को लेकर तहसील , जनपद , बैंक व अन्य सरकारी दफ्तरों में आते है और घण्टो देर रुक कर अपना काम करवाते है इन सब को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए पंचायत के द्वारा सामुदायिक शौचालय का निर्माण सरकारी दफ्तरों के बीच मे कराया गया किंतु वर्तमान स्थिति में जनता को इसका लाभ सिर्फ इसलिए नहीं मिल रहा है क्योंकि ये शौचालय गंदगी की भेंट चढ़ गई जिससे सरकारी कर्मचारी व दफ्तरों में आये सामान्य लोग यहाँ जाने से अच्छा खुले में या अन्य जगह से अपना काम चला रहे । खबर प्रकाशित होने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि स्वच्छता पर ध्यान देते हुऐ सार्वजनिक शौचालय का रख रखाव कर उसे उपयोग युक्त बनाया जाता है या फिर स्थिति जस की तस रहती है वही लोग कहते हैं कि साहब के शौचालय का साफ सफाई समय समय पर होता है ये तो आम जनता के लिए बना है इसके लिए किसी को इससे भला क्या मतलब , आपको बता दे कि ब्लॉक मुख्यालय मे निर्मित इस शौचालय की स्थिति बद से बदतर हो गयी है जिससे लोग वहां जाने से कतराते है ऐसे में सवाल यह उठता है कि इसकी जवाबदेही किसकी है.....?

मुख्यालय में बने सामुदायिक शौचालय की है ये स्थिति तो पंचायतों का क्या होगा हाल :- पंचायत के द्वारा सभी पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया है और कहीं कहीं कराया जा रहा है जिसमे पंचायत के लोग व आने जाने वाले नित्य क्रिया से निवृत हो सके लेकिन जनपद मुख्यालय में बने शौचालय का अगर ये स्थिति है तो पंचायतों का क्या होगा हाल इसके जिम्मेदार कौन है या कौन होंगे । क्या ऐसे में सरकारी पैसों का व्यवस्था के नाम पर सिर्फ दुरुपयोग किया जा रहा है या ये भी भष्टाचार करने का एक जरिया बन गया है ।

मुख्यालय मे पदस्थ बड़े अधिकारियों का रोज होता है आना - जाना लेकिन नही पड़ती किसी की नज़र :- ब्लॉक मुख्यालय में सभी बड़े अधिकारियो का रोज आना होता है लेकिन इस शौचालय में शायद ही किसी की नज़र पड़ती हो अगर नज़र पड़ती तो इसकी स्थिती बद से बत्तर नही होती इस शौचालय का निर्माण बड़े बड़े अधिकारियों के लिए नही सिर्फ फरियादियो के लिए बनाया गया है जिससे इन अफसरों को कोई लेना देना नही है लेकिन इसकी भी जवाबदेही किसी न किसी की होगी जिससे रोज उपयोग में आने वाली सामुदायिक शौचालय की स्थिति सामान्य व उपयोग लायक हो लेकिन इसकी जानकारी शायद किसी अधिकारी को नही है जिससे ये अपनी इस स्थिति को खुद बयां कर रहा है ।