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कैपिटल छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क....
संवाददाता :- दीपक गुप्ता....✍️
सूरजपुर :- विकासखंड भैयाथान के ग्राम पंचायत सांवारॉवा में मनरेगा की निर्माणाधीन पुलिया भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। जो छत का सेट्रिंग प्लेट हटाते ही धराशायी हो गई है।बेस कमजोर होने के कारण बिना उपयोग हुए ही भसक गया। जबकि निर्माण कार्य में शासन प्रशासन द्वारा गुणवत्ता रखने की हिदायत दी जाती है लेकिन इसके बावजूद भी सभी दावे धरे रह गए। जिसका खामियाजा अब वहां के रहवासियों को उठाना पड़ेगा तो वही जिम्मेदारों द्वारा राशि नहीं देने की बात कहकर पूरे मामले में पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है।
मिली जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत सांवारांवा में मनरेगा योजना अंतर्गत लगभग 10 लाख की लागत से झींझी नाला पर पुलिया का निर्माण किया जा रहा था जिसके छत का ढलाई कार्य भी पूर्ण हो गया था लेकिन सेट्रिंग हटाते ही बेस कमजोर होने कारण छज्जा का भार भी पुलिया सह नहीं सका और पूरी पुलिया दब गई और दोनों तरफ का बेस भसक गया। ग्रामीणों की माने तो पुलिया निर्माण में किसी भी मापदंड तकनीकी नियमो का पालन नहीं किया गया बल्कि तकनीकी सहायक व उनके खास ठेकेदार ने मनमानी तरीके से पुलिया निर्माण कार्य को किया गया जिसके कारण पुलिया एक दिन भी नही चल सका। नाम न छापने के शर्त पर एक ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि ने बताया की निर्माण एजेंसी ने पुलिया स्वीकृति के बाद राशि कम होने के कारण निर्माण करने से मना कर दिया था लेकिन मनरेगा के पदस्थ तकनीकी सहायक मनप्रीत सिंह ने ग्राम पंचायत को उतनी राशि में ही गुणवत्ता पूर्ण निर्माण का भरोसा दिलाया और एक ठेकेदार से बात कर कार्य प्रारंभ कर दिया लेकिन निर्माण के दौरान तनिक भी गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा बल्कि बड़े बड़े गिट्टी बोल्डर डालकर बेस से लेकर पाया तक ढलाई कर दिया और सेटरिंग कर छज्जा भी ढाल दिया लेकिन सेट्रिंग हटाते ही पुलिया दबते हुए भसक गया।कई ग्रामीण तो पुलिया निर्माण के दौरान की दावा कर चुके थे कि यह पुलिया एक दिन भी नहीं चलेगा। आज उनकी बात सच निकली और पुलिया बिना उपयोग हुए बिना ही भसक गया जिससे तकनीकी सहायक और ठेकेदार के मंसूबे पर पानी फेर दिया तो वहीं विभाग पूरे मामले पर लीपापोती करने में जुट गया है और यह हवाला देने में लगे है कि राशि का भुगतान नही हुआ है इसलिए पुलिया का निर्माण पुनः कराया जाएगा। भला उन्हें यह कौन बताए कि मजदूरी भुगतान लगभग 1.50 लाख खर्च हो चुका है।आखिर इस मजदूरी राशि का समायोजन कैसे होगा क्योंकि निर्माण एजेंसी में कम राशि का पहले ही हवाला देकर अपने हाथ खड़े कर दिए थे। तो वही विभाग के जिम्मेदार इस पूरे मामले को प्राकृतिक आपदा बताने में जुट गया है। आगे यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह प्राकृतिक आपदा है या भ्रष्टाचार का खुला खेल??
इस संबंध में तकनीकी सहायक मनप्रीत सिंह ने कहा कि यह प्राकृतिक आपदा है। इसमें मेरे या निर्माण एजेंसी का कोई नियंत्रण नहीं होता है इसलिए पुलिया भसक गया। वहीं जनपद पंचायत भैयाथान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार गुप्ता ने पत्रकारों को बताया कि पुलिया निर्माण कार्य में राशि का भुगतान नहीं किया गया है। तकनीकी सहायक और निर्माण एजेंसी को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है जवाब आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।