पाँच मजदूरों को ठेकेदार ने बनाया बंधक, न पैसे दे रहा और न घर जाने दे रहा, चंगुल से भागकर आए युवक ने सुनाई आपबीती....

कैपिटल छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क....

 संवाददाता :- दीपक गुप्ता....✍️

 सूरजपुर / भैयाथान :- सूरजपुर जिले के 5 मजदूरों को महाराष्ट्र में बंधक बना लिया गया है। इनमें से भैयाथान विकासखंड के 4 मजदूर ओडगी विकासखंड के 1 मजदूर शामिल हैं। बंधक बनाए गए मजदूरों से उनके मोबाइल फोन भी ले लिए गए हैं। साथ ही उनकी पिटाई भी की जा रही है। न तो उन्हें खाना दिया जा रहा है और न ही पैसे दिए जा रहे हैं। घर आने की कहते तो ठेकेदार उन्हें प्रताड़ित करने लगता है। दरअसल, ठेकेदार के चंगुल से भागकर आए एक मजदूर ने यह आपबीती बताई है। मजदूर का नाम शिवलाल है, जो भैयाथान विकासखंड का रहने वाला है। इसने बताया कि, सितंबर में भैयाथान व ओडगी के 6 मजदूरों को एजेंट द्वारा जबलपुर में मजदूरी का काम करने के लिए 15000 रुपए महीने पर बैढ़न निवासी एक एजेंट ने बुलाया। जो सभी को गुमराह कर अपने साथ महाराष्ट्र में एक ठेकेदार के पास लाया। फिर उन्हें वहीं छोड़कर खुद कहीं चला गया। ठेकेदार ने बोरिंग मशीन गाड़ी के काम में सभी मजदूरों को लगा रखा था। दिनभर काम करवाता था। समय से न तो खाना मिलता था और न ही पैसे दिए जा रहे थे। शिवलाल ने बताया, एक दिन रात के अंधेरे में मैं किसी तरह वहां से भाग निकला। बस पकड़कर अपने गांव तक आया।

घर जाने कहा तो बनाया बंधक :- फिर एक दिन सभी मजदूर काम छोड़कर घर लौटने का इरादा बनाए। ठेकेदार से मजदूरी मांगी और घर जाने की बात कही गई। लेकिन ठेकेदार ने घर जाने से मना कर दिया। सभी मजदूरों से उनके मोबाइल फोन भी ले लिए गए। मजदूरों को बंधक बना लिया गया। डेरा से किसी को भी बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है। शिवलाल ने बताया कि हम सभी में से किसी एक का बाहर निकलना जरूरी था। ताकि इस मामले की जानकारी घर वालों को दी जा सके। जिसके बाद सभी ने प्लान किया और मुझे बाहर भेजने की योजना बनाई।एक बार तो भागते हुए दो लोग पकड़ा गए थे तो पिटाई भी हुई थी। शिवलाल ने बताया कि, एक दिन रात के अंधेरे में मैं किसी तरह वहां से भाग निकला। बस पकड़कर सीधे अपने घर आ गया जिसके बाद अपने घर आकर उनके घर वालों को पूरी जानकारी दी। अब गांव के ग्रामीणों के साथ मिलकर बाकि लोगों को ठेकेदार के चंगुल से छुड़वाने कलेक्टर से गुहार लगाई है। इधर, अफसरों का कहना है कि जल्द ही एक टीम बनाकर महाराष्ट्र भेजी जाएगी। बंधक बनाए गए मजदूरों को छुड़वाया जाएगा। बंधक बनाए गए मजदूरों में 2 नाबालिक सहित तीन अन्य :- ग्राम पंचायत सांवारांवा के कुल 3 मजदूर हैं जिनके आधार कार्ड के अनुसार दो नाबालिक है तो एक मजदूर इंद्रपाल है तथा परसिया का मनबोध राजवाड़े है तो वहीं एक मजदूर बिहारपुर का बताया जा रहा है।

थाना व जनदर्शन में छुड़ाने के लिए कलेक्टर से लगाई है गुहार :- महाराष्ट्र में बंधक बनाए गए मजदूरों के परिजन ने उन्हें छुड़ाने के लिए थाना ओडगी में बीते 23 दिसंबर को लिखित आवेदन किया था लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही ना होता देख परिजन बीते 29 जनवरी को जनपद पंचायत भैयाथान में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में शामिल होकर छुड़ाने की अपील कलेक्टर से की है। इस संबंध में जिले के कलेक्टर रोहित व्यास ने पत्रकारों को बताया कि जनदर्शन कार्यक्रम में शिकायत आई थी तत्काल लेबर ऑफिसर को इस मामले में लगाया हूं। बंधक बनाए मजदूरों को छुड़ाने के लिए टीम बनाकर महाराष्ट्र भेजी जाएगी।"