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एक मामले में किया एफआईआर दर्ज, कलेक्टर के निर्देश पर बाल विवाह रोकने सक्रिय है प्रशासनिक अमला.....
कैपिटल छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क....
संवाददाता :- दीपक गुप्ता......✍️
सूरजपुर :- जानकारी व जागरूकता के अभाव में अभिभावक अपने बच्चों की कम उम्र में ही विवाह कर देते हैं, जिसका परिणाम उन्हें पूरे जीवन भर भुगतना पड़ता है। समय से पूर्व विवाह हो जाने से नाबालिग वधू के कंधों पर जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ता जाता है और वह मानसिक रूप से भी प्रभावित होती है। लोगों में जन जागरूकता लाने और नाबालिगों को बाल विवाह से बचाने और जान लिहितकाम्या के निर्देश पर राम नवमीं व अक्षय तृतीया के अवसर पर प्रशासनिक टीम का गठन किया गया था। जो सूचना तंत्र के माध्यम से अब तक जिले के अलग-अलग स्थानों से 47 बाल विवाह के मामलों में परिजनों को कानूनी जानकारियों से अवगत कराते हुए रोकने सफलता प्राप्त किया है
वहीं एक मामले में लाल विवाह होने पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा 9, 10, 11 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। जिला बल संरक्षण अधिकारी को सूरजपुर जिले के अलग-अलग विकासखण्ड क्षेत्रों से बाल द्वारा विवाह की सूचना मिलने पर प्रशासन गठित दल मौके पर रवाना हो मामले की जांच के बाद परिजनों को समझाईश इत्यादि देकर बाल विवाह के दुष्परिणाम बताते हुए बाल विवाह रोकने सफल रहे। पूरे कार्रवाई के दौरान जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल, सीडीपीओ इमरान अख्तर, चेरथा तिर्की, वर्षा अग्रवाल, बीईओ घनश्याम सिंह, एलपीओ अमित कुमार भारिया, काउंसलर जैनेन्द्र दुबे, सामाजिक कार्यकर्ता अंजनी साहू, कार्तिक मजूमदार, शीतल सिंह, जनार्दन यादव सहित आरबी मानिकपुर, पर्यवेक्षक सुनीति दुबे, रामेश्वरी सिंह सहित पुलिस बल मौजूद रहा।